लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि
१- सब जानते है कि सोनिया गाँधी और उनके लगेज की भारत के किसी भी एयरपोर्ट तलाशी नही ली जा सकती , तो क्या सोनिया गाँधी अमेरिका के बहाने बार बार विदेशो मे अपना कालाधन ठिकाने लगाने जाती है ?
इसके पहले वो पांच बार अपनी बीमार माँ को देखने अमेरिका गयी फिर अपने ईलाज के बहाने अमेरिका गयी फिर पिछले दो साल मे उन्होंने चार बार इटली की यात्रा की .. टैक्स चोरों का स्वर्ग कहे जाने वाले लिंचेसटाइन वो चार बार गयी |
मतलब सोनिया की बीमारी कोई शारीरिक नही है बल्कि "आर्थिक " है | वो साल मे दो बार अपने कालेधन को विदेशो मे जमा करने जाती है |
२- आज भारत मे एड्स को छोडकर ऐसी कौन सी बीमारी है जिसका ईलाज नही हों सकता ? अपोलो मे ६०% बत्रा होस्पिटल मे २०% एम्स मे १०% शंकर नेत्रालय चेन्नई मे ४०% अपोलो अहमदाबाद मे ५% मेदान्ता मे १५% मरीज विदेशो से अपना ईलाज करवाने भारत आते है ..
फिर सोनिया गाँधी अपना ईलाज विदेश मे क्यों करवा रही है ?
सोनिया गाँधी जी क्या आपका विदेश मे ईलाज करवाना आपके दोगलेपन को नही दर्शाता ? एक तरफ आप कहती है कि मेरी सरकार ने भारत को विकास दिया और वही दूसरी तरफ आपको जब अपना ईलाज करवाना हों तो यही भारत आपको पिछड़ा लगने लगता है ?
३- मीडिया जगत मे दबी जबान से चर्चा है कि आपने मीडिया वालो को करोडो रूपये सिर्फ इसीलिए दिये है कि कोई भी मीडिया वाला आपकी बीमारी की छानबीन न करे और न ही इस बारे मे कोई खबर चलाए
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